डेब्ट म्यूचुअल फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट क्या बेहतर है?

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एक समय था जब बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट्स (एफडी) रूढ़िवादी(Conservative) निवेशकों के लिए बहुत लंबे समय के लिए पसंदीदा निवेश एवेन्यू था। यह पूंजी संरक्षण सुनिश्चित करते हुए ब्याज कमाने का सबसे अच्छा विकल्प था। पिछले कुछ वर्षों में, हुए बदलाओ में लोग म्युचुअल फंड कोर में आए हैं। नतीजतन,  एफडी को अब सबसे लोकप्रिय दीर्घकालिक निवेश सम्पत्ति नहीं माना जाता है।

2016 की नोटबॅंधी के दौरान, म्यूचुअल फंड कम जमा रिटर्न दरों के अवसर को भुनाने में सक्षम थे। इसके अलावा, कर बचत म्यूचुअल फंड की उपलब्धता के कारण, म्यूचुअल फंड कि प्रमुखता बढ़ी।

 

डेट म्यूचुअल फंड में निवेश क्यों?

डेट फंड और एफडी में बड़ा अंतर यह है कि डेट फंड फ्लेक्सबिल्टी के साथ बहुत अधिक विकल्प प्रदान करते हैं। अक्टूबर 2019 के अनुसार बैंक अपनी एफडी पर केवल 5% से 8 % तक ब्याज देते हैं।दूसरी ओर डेट फंड ब्याज दरों की गिरावट से लाभान्वित होंते हैं, क्योंकि डेट फंड्स एनएवी की सराहना करते हैं जब दरें गिरती हैं।

उच्च तरलता: डेट म्यूचुअल फंड योजनाओं को अक्सर फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए वैकल्पिक निवेश के रूप में देखा जाता है - क्योंकि वे समय के साथ आय प्रदान करते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट में आमतौर पर अनिवार्य लॉक-इन अवधि होती है जब्कि म्यूचुअल फंड से आप कभी भी निकास कर सकते हैं | 

कर दक्षता- हालांकि यह सच है कि डेट म्यूचुअल फंड स्कीमों पर लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है, यह ध्यान रखना चाहिए कि तीन साल के होल्डिंग के बाद इंडेक्सेशन का फायदा बढ़ता है और हर बीतते साल के साथ भी । 

लचीलापन- डेट फंड स्कीम में निवेश किया गया पैसा अक्सर इक्विटी स्कीम या निवेशक के चयन की किसी अन्य स्कीम में आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है। 

अधिक रिटर्न- बचत बैंक खातों या एफडी जैसे;-  पारंपरिक विकल्पों की तुलना में, डेट म्यूचुअल फंड कहीं अधिक रिटर्न की संभावना प्रदान करते हैं।

 

 फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश क्यों?

 

बैंक चुने गए कार्यकाल के आधार पर एफडी में पूर्व-निर्धारित ब्याज दर प्रदान करते हैं। 

फिक्स्ड डिपॉजिट के बारे में एक अच्छी बात यह है, कि बाजार के उतार- चढ़ाव आपके कमाए गए रिटर्न को प्रभावित नहीं करते। इसलिए आम तौर पर, अर्थव्यवस्था में कम ब्याज दरों के दौरान भी एक बड़ी मार्जिन से फिक्स्ड डिपॉजिटआगे निकल जाती है।

गारंटीड रिटर्न निवेश पर रिटर्न की गारंटी है। एफडी में आपके द्वारा जमा की गई राशि के जमा के समय से ही  ब्याज दर पर ब्याज अर्जित करता हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव आपके निवेश पर रिटर्न को प्रभावित नहीं करता है। शायद यही कारण है कि अधिकांश अनुभवी निवेशक अभी भी अपने निवेश का एक हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट में रखना पसंद करते हैं| 

कार्यकाल फिक्स्ड डिपॉजिट कार्यकाल बहुत लचीला नहीं होता है, लेकिन उसमें कई विकल्प उपलब्ध होते हैं|  यह ग्राहकों की आवश्यकताओं के आधार पर 7 दिनों से लेकर 10 वर्ष तक होता है। आप एक ही बैंक में एक या अलग-अलग कार्यकाल के लिए एक ही समय में कई फिक्स्ड डिपॉजिट खोल सकते हैं।बचत खाते की तुलना में फिक्स्ड डिपॉजिट पर रिटर्न की दर अधिक होती है। फिक्स्ड डिपॉजिट के कार्यकाल के आधार पर ब्याज दरों में बदलाव होता है। 

ब्याज भुगतान का तरीका ग्राहक ब्याज की आवृत्ति चुन सकता है, यह मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक आधार पर होती हैं, और अन्य ग्राहकों की तुलना में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज की दर अधिक है।

फिक्स्ड डिपॉजिट के विरुद्ध ऋण लेना आसान यदि आपको तत्काल धन की आवश्यकता है, तो आपके फिक्स्ड डिपॉजिट के खिलाफ ऋण लेना आसान है। ग्राहक सावधि जमा की मूल राशि का 90% तक उधार ले सकता है। ग्राहक एफडी के खिलाफ ऋण लेने पर भी ब्याज अर्जित करता रहता है। यह ब्याज आपके ऋण को अधिक आसानी से चुकाने में आपकी सहायता करता है।

संयुक्त फिक्स्ड डिपॉजिट खोलने के लिए विकल्प: बहुत से लोग नहीं जानते हैं कि उनके पास अपने पति या पत्नी, बच्चों या माता-पिता के साथ फिक्स्ड डिपॉजिट हो सकता है। हालांकि, यह याद रखना चाहिए कि समय से पहले निकासी या फिक्स्ड डिपॉजिट के खिलाफ ऋण के लिए आवेदन करने के मामले में, सभी एफडी धारकों को आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता है।

 

          डेब्ट फंड               तुलना                एफडी 
          हाई रिटर्न        अपेक्षाकृत रिटर्न              लौ रिटर्न 
        मार्केटिंग रिस्क              रिस्क            रिस्क-फ्री
        हाई लिक्विडिटी          लिक्विडिटी           कम लिक्विडिटी 
      बहुत एफ्फिसिएंट             टैक्स              नहीं हैं 
      हाई फ्लेक्सिब्लिटी          फ्लेक्सिब्लिटी               दृढ़ता

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